Office Records : Prescribed Maximum Period in Rajasthan in Hindi

Spread the love

Office Records : Prescribed Maximum Period in Rajasthan in Hindi :- दोस्तों किसी भी कार्यालय के लिए उसके अभिलेख सबसे महत्वपूर्ण होते हैं | बिना अभिलेख (Record) के कोई कार्यालय नहीं हो सकता है | दोस्तों जैसा की आप सभी जानते हैं कि प्रत्येक क्रय की वस्तु की एक निर्धारित आयु होती हैं |

To read this article in English, Click on the following link : Click Here

यदि आप क्रय की गई वस्तुओं की अधिकतम आयु जानना चाहते है तो आप आगे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं – Click Here

आज के इस आर्टिकल में हम कार्यालय उपयोग के विभिन्न अभिलेखों (Record) की आयु के बारे चर्चा करेंगे | दोस्तों यहाँ पर आप आयु के आधार पर (Maximum Period) अभिलेखों को 5 समूह में वर्गीकृत कर सकते हैं | ये पाँचो समूह निम्न प्रकार से रहेंगे |

  1. समुह 1- एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख।
  2. समुह 2- पांच वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख।
  3. समुह 3- दस वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख।
  4. समुह 4- तीस वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख।
  5. समुह 5- स्थाई रूप से सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख।

विभिन्न समुह के आधार पर सुरक्षित रखे जाने वाले (Maximum Period) कार्यालय अभिलेखों (Record) का विवरण निम्न प्रकार से रहेगा :-

समुह 1- एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख :-

दोस्तों इस वर्ग में निम्नलिखित अभिलेखों (Record) को सम्मिलित किया जाता हैं –

  • छात्र प्रगति-पुस्तिका।
  • स्मरण-पत्र जारी करने का रजिस्टर।
  • उत्सव एवम समारोह से सम्बंधित अभिलेख।

समुह 2- पांच वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख :-

दोस्तों इस वर्ग में निम्नलिखित अभिलेखों (Record) को सम्मिलित किया जाता हैं –

  • दैनिक छात्र उपस्थिति पंजिका ।
  • शुल्क प्राप्ति की पंजिका ।
  • छात्रवृत्ति वितरण की पंजिका ।
  • आकस्मिक अवकाश प्रार्थना-पत्र फाइल (दो वर्ष तक)
  • आकस्मिक अवकाश पंजिका व पियोन बुक (तीन वर्ष)
  • पत्र प्रेषण पंजिका ।
  • पत्र प्राप्ति पंजिका |
  • फूटकर व्यय रजिस्टर |
  • फुटकर व्यय वाउचर- 3 वर्ष |
  • स्थानीय परीक्षा परिणाम से सम्बंधित रिकॉर्ड ।
  • कर्मचारी नियुक्ति के आवेदन-पत्र । ( जिनको नियुक्ति नही मिली हो, 2 वर्ष हेतु)
  • राज्य कर्मचारियों से किराया वसूली ।
  • डिटेल्ड बजट |
  • विभागीय वाहन मरम्मत ।
  • अतिरिक्त विषय खोलना ।
  • परीक्षा केंद्र से सम्बंधित दस्तावेज (दो वर्ष तक)
  • निरीक्षण प्रतिवेदन ।
  • विधानसभा प्रश्न ।
  • मण्डल अधिकारी बैठक पंजिका ।
  • कार्यालय बजट अनुमान प्रपत्र और पंजिका ।
  • बजट आवंटन, पुनः आवंटन सम्बंधित दस्तावेज (दो वर्ष तक)
  • जांच एवम निरीक्षण सम्बंधित प्रतिवेदन |
  • गबन तथा चोरी के मामले (जांच के निस्तारण के दो वर्ष तक)
  • जांच एवम निरीक्षण प्रतिवेदन ।
  • अराजपत्रित कर्मचारियों के छुट्टी का खाता । (मृत्यु या सेवानिवृत्ति के 3 वर्ष तक)

आर्टिकल जो आपको पढ़ने चाहिए :-

समुह 3- दस वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख :-

दोस्तों इस वर्ग में निम्नलिखित अभिलेखों (Record) को सम्मिलित किया जाता हैं –

  • छात्रकोष रोकड़ बही |
  • प्रयोज्य वस्तुओं का रजिस्टर |
  • प्रतिभूति राशि पंजिका |
  • रसीद बुकों को जारी करने की पंजिका ।
  • विभागीय परीक्षाओं के अनुज्ञा आवेदन-पत्र ।
  • विभिन्न प्रशिक्षणों में नियुक्ति ।
  • नियुक्ति एवम स्थानांतरण ।
  • ऋण अग्रिम आवेदन पत्र ।
  • भवन का दान एवम भवन निर्माण हेतु राजकीय सहायता ।
  • जन्मतिथि में परिवर्तन संबंधी साक्ष्य ।
  • बोर्ड की मान्यता ।
  • छात्रवर्ती , वर्तिका एवम अध्ययन ऋण ।
  • प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन ।

समुह 4- तीस वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख :-

दोस्तों इस वर्ग में निम्नलिखित अभिलेखों (Record) को सम्मिलित किया जाता हैं –

  • राज्य एवम राष्ट्रीय पुरस्कार स्वीकृतियां ।
  • संस्थापन रजिस्टर ।
  • शाला रजिस्टर ।
  • विभागीय परीक्षा परिणाम रजिस्टर ।

समुह 5- स्थाई रूप से सुरक्षित रखे जाने वाले कार्यालय अभिलेख :-

दोस्तों इस वर्ग में निम्नलिखित अभिलेखों (Record) को सम्मिलित किया जाता हैं –

  • भवन के पट्टे/नक्शे ।
  • फीस संबंधी परिपत्र ।
  • परीक्षा / कक्षोंन्नति संबंधी दस्तावेज ।
  • अनुदान रिकॉर्ड ।
  • विद्यालयों की विभिन्न स्तरों पर मान्यता संबंधी परिपत्र ।
  • नया विद्यालय खोलना ।
  • विभागीय परीक्षाओं के प्रमाण-पत्रों के अनुपर्ण ।
  • राज्य कर्मचारियों के वेतन बिल-35 वर्ष |
  • स्थापना वर्ग की पुस्तकें- 40 वर्ष |
  • अपूर्ण परियोजनाओं से सम्बंधित व्यय अभिलेख |
  • व्यय से सम्बंधित अभिलेख |
  • व्यक्तिगत मामलो के कलेमो से सम्बंधित अभिलेख
  • स्थाई प्रकृति के आदेश |

दोस्तों एक राज्य अधिकारी को सदैव राज्य हित में कार्य करना चाहिए | अभिलेखो के आधार पर ही प्रशासनिक व न्यायिक निर्णय भी होते है | सभी आवश्यक अभिलेखो को निर्धारित आयु तक संधारित रखना चाहिए ।
अभिलेख की आयु पूर्ण होने पर निस्तारण की प्रक्रिया विभागीय नियमानुसार सम्पादित करे |

Leave a Comment

error: Content is protected !!