General Provident Fund – 2004 About, Guideline & Rules

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हैलो दोस्तों, आप सभी का हमारे पोर्टल पर स्वागत हैं | जैसा की आप जानते हैं कि हमारी टीम हमेशा ही आपके लिए महत्त्वपूर्ण आर्टिकल लेकर आती हैं | इसी कड़ी में आज आपके लिए हम राजस्थान में 01.01.2004 के बाद वाले कर्मचारियों के लिए GPF – 2004 के बारे में चर्चा करेंगे |(General Provident Fund – 2004) दोस्तों आप सभी जानते हैं कि पहले के कार्मिको को GPF सामान्य प्रावधायी निधि का लाभ दिया जाता हैं | लेकिन 01.01.2004 के बाद वाले कार्मिको को नवीन अंशदायी पेंशन देय हैं |जिसके अंदर उन्हें कुछ भी नहीं देकर केवल मात्र गुमराह किया जाता हैं |

अभी इस बार Covid – 19 के कारण कार्मिको को बोनस की राशि भी नगद नहीं देकर GPF में समायोजित किया जाना हैं | इस कारण से के बाद वाले कार्मिको के भी GPF – 2004 के नाम से सामान्य प्रावधायी निधि के खाते खोले जायेंगे | जिसके अंदर आपके बोनस की कुल 75 % राशि जमा की जाएगी | यदि सभी साथी मिलकर विरोध करे, तो शायद यह पुरानी पेंशन योजना की तरफ बढ़ने का एक प्रयास भी हो सकता हैं |

दोस्तों आज हम इसी GPF – 2004 के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण बिन्दुओ पर चर्चा करने वाले हैं |

GPF – 2004 सामान्य प्रावधायी निधि – 2004 :-

सामान्य प्रावधायी निधि नियम, 1997 के नियम 11(1)(ii) के अनुसार दिनांक के बाद नियुक्त कार्मिको के लिए निम्न नए उपबंध किये गए हैं | इसके अनुसार सभी नवीन कार्मिकों के लिए एक नवीन योजना शुरू की गयी हैं | नवीन योजना को GPF – 2004 के नाम से जाना जाएगा | इसके लिए कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार से है –

* राज्य सेवा के सभी कार्मिको को पहले से ही SIPF पोर्टल पर एक यूनिक ID जारी की जाती रही हैं | जिसको “Employee ID” के नाम से जाना जाता हैं | नवीन कार्मिक के कार्यग्रहण करने के बाद सम्बंधित DDO द्वारा वांछित सूचनाएं SIPF पोर्टल पर अधतन करने पर सिस्टम जनरेटेड ID आवंटित हो जाती हैं |
* बोनस की राशि के बिल पे – मैनेजर के माध्यम से प्रस्तुत करते ही बोनस राशि का 75 % कोष कार्यालय द्वारा SIPF पोर्टल (राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग) को स्थानांरित कर दिया जायेगा |
* इस योजना हेतु एक नया बजट मद आवंटित किया जायेगा | जो इस प्रकार से रहेगा –
8009 – राज्य भविष्य निधि
01 – सिविल
101 – सामान्य भविष्य निधि
(03) – GPF – 2004

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* राजकोष से वेब सर्विस के माध्यम से एम्प्लोयी ID के आधार पर कार्मिक के GPF खाते में राशि स्थानांतरित की जाएगी | GPF खाता प्रथम बार राशि क्रेडिट होने पर SIPF पोर्टल पर GPF – 2004 योजना के लिए खाता संख्या जारी की जाएगी |
* यह खाता कर्मचारी द्वारा भविष्य में किये जाने वाले सभी ट्रांसजेक्शन के लिए उपयोग में लिया जा सकेगा |
* इस खाते के लिए नॉमिनी का नाम राजस्थान सिंगल साइन ऑन द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग करते हुए दर्ज किया जायेगा |

* इस योजना के अंतर्गत आने वाले खातों पर राजस्थान राज्य के सामान्य प्रावधायी निधि नियम, 1997 के वो नियम लागु नहीं होंगे | जिनमे GPF के लिए अनिवार्य कटौती का उल्लेख किया गया हैं | यानि सीधे – सीधे शब्दों में बात करू, तो इस खाते में आपके वेतन से नियमित कटौती का प्रबंध नहीं किया गया हैं |
* कार्मिक अपने DDO के माध्यम से एडवाइस देकर इस योजना में ऑनलाइन राशि जमा कर सकते हैं | जो अपनी इच्छानुसार होगी, अधिकतम जमा वार्षिक परिलब्धियों तक हो सकती हैं |
* इस योजना में किये गए जमा को आयकर टैक्स में छूट दी जाएगी | यानि आपको टैक्स से बचने के लिए LIC की जरूरत नहीं होगी, आप आवश्यकता के अनुसार इस खाते में राशि जमा करवा सकते हैं |
* पेपरलेस व्यवस्था के तहत इस योजना का संचालन किया जाएगा |
* खातेदार को ऑनलाइन लेजर देखने, पार्शियल भुगतान प्राप्त करने तथा अंतिम भुगतान प्राप्त करने की सुविधा होगी |
* उक्त खाते में जमा पर ब्याज की गणना GPF नियमों के आधार पर की जाएगी | यानि समय – समय पर सरकार द्वारा घोषित दर पर ब्याज देय होगा |

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